अक्सर लोग कहते हैं की छोटी छोटी बातों पर ध्यान नहीं देना चाहिए यह उक्ति परिवार में सामंजस्य बनाने के लिये सही है। परन्तु तरक्की के लिए छोटी छोटी बातें भी महत्वपूर्ण हो जाती हैं ।
आप अपने जीवन के बारे में सोचिये, उन लोगों के बारे में सोचें जिनका आप पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। यदि आप अपने अतीत की ओर झांकें तो आपको इस प्रभाव का एहसास भी नहीं होगा। यह प्रभाव आमतौर पर आपके आसपास रह रहे लोगों द्वारा की गई छोटी बातों से होता है उनलोगों से होता है जो आपकी परवाह करते हैं। आप उन छोटी छोटी बातों,मदद को याद करिए जिसने आपकी जिंदगी बदल दी ? या आपने किसी और के लिए ऐसी कौन सी छोटी-छोटी चीजें की हैं जो शायद उनके लिए मददगार हुई हों ?
आपने सलमान खान अभिनीत एक फ़िल्म देखी होगी जिसमें किसी एक व्यक्ति की मदद करने के बदले वह एक ही चीज कहता है कि जब भी मौका मिले तुम किसी अन्य तीन को अपने सामर्थ्य के अनुसार मदद कर देना।उसके इस बात ने जो चमत्कार किया वो भले ही फिल्मी लगे पर सत्य है।आपकी हर छोटी बातें लोगों को प्रभावित करती हैं।
ऐसा हर किसी के साथ घटित होता है,मैंने मैनेजमेंट की डिग्री लेने के पहले यह सोचा भी नहीं था कि ट्रेड यूनियन लीडर बन जाऊंगा।परन्तु यूनियन की मीटिंग में कुछ प्रभावशाली लोगों के भाषण ने मुझ पर गहरा प्रभाव डाला और धीरे धीरे यूनियन एक्टिविस्ट बन गया।मेरी पारिवारिक पृष्ठभूमि वैसी नहीं थी न मेरे मन में ऐसा कोई विचार था मैं तो बस बॉस बनकर अच्छी खासी आरामदेह जिंदगी जीना चाहता था पर मुझे लगा कि ट्रेड यूनियन जॉइन करना बॉस बनने से ज्यादा चुनौती पूर्ण है और मैं उस ओर निकल पड़ा।आज मैं उस ट्रेड यूनियन का राज्य स्तरीय पदाधिकारी व केंद्रीय कमिटी का सदस्य हूं और अपनी नौकरी व ट्रेड यूनियन के कार्यों से संतुष्ट हुं।
शुरुआती दौर में मैं थोड़ा झिझकता था मुझे याद है जब मैं अपनी यूनियन की सालाना मीटिंग में रिपोर्ट पर होनेवाली बहस में हिस्सा लेने स्टेज पर पहुंचा तो मेरे पांव हिल रहे थे धड़कनें तेज़ थी। मुझे जो कहना था उसकी पुर्जी भी मेरे एक वरिष्ठ सहयोगी ने लिखकर दी थी। आज मैं सैंकड़ों लोगों की भीड़ को बेझिझक ,धड़ल्ले से संबोधित कर सकता हूँ। यह सम्भव हुआ दूसरों को बोलते देख,सम्भव हुआ वरिष्ठ साथियों के होंसला अफजाई से।
हालांकि ट्रेड यूनियन लीडर बनने में कोई आर्थिक लाभ नहीं होना था यह बात मुझे पता थी पर एक छोटी बात जो मुझे इस ओर खींच लाई वो थी शोषण के खिलाफ व हक की लड़ाई,सम्मान के साथ नौकरी करना और दूसरों को इसके लिए प्रेरित करना। यह मैंने किया और यह उन छोटी छोटी बातों की वजह से हुआ जिन्हें ज्यादातर लोग नजरअंदाज करते हैं।
आप ट्रेड यूनियन लीडर बनो या बड़ा उद्योगपति या जीवन के किसी क्षेत्र में काम करो आसपास के माहौल आपके साथ काम करने वाले सहयोगी आपके जीवन पर प्रभाव डालते हैं।यह प्रभाव धीरे धीरे असर करता है और कब कैसे एक लक्ष्य में बदल जाता है यह पता नहीं चलता।
मैंने देखा है और अपने अनुभवों के आधार पर दावे के साथ कह सकता हूँ कि हम दूसरों के लिए छोटी-छोटी चीजें करके उन्हें प्रभावित कर सकते हैं। हमने ट्रेड यूनियन के तीन दशकों में इन्हीं छोटी छोटी बातों से ,छोटी छोटी मदद से सैकड़ों लोगों को प्रभावित किया है।ऐसे लोगों में से कुछ हमारी ही तरह ट्रेड यूनियन एक्टिविस्ट हैं और कुछ लोग प्रोमोशन लेकर और आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। इसलिये आप जहां कहीं भी हों लोगों की सहायता करें,उन्हें सहयोग की पेशकश करें। ऐसा कई बार होगा कि लोग आपकी मदद के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दें पर यकीन मानिए आपकी पेशकश उसके जेहन में हमेशा बनी रहेगी। मेरे साथ कई बार ऐसा हुआ है।
दूसरों को प्रभावित करने का एक और सबसे सरल तरीका है "धन्यवाद" ज्ञापन करना।अपने संजय दत्त अभिनीत मुन्ना भाई एम बी बी एस फ़िल्म जरूर देखी होगी उसमें धन्यवाद के दूसरे तरीके गले मिलने,धन्यवाद कहने के जादुई असर को दिखाया गया है। मुन्ना भाई की जादू की झप्पी ने कॉलेज के स्वीपर से लेकर टीचर तक को प्रभावित किया और जरूरत के वक्त सब उसके साथ खड़े नजर आए।मैं आपको मुन्ना भाई की तरह बिना पढ़े लिखे एमबीबीएस की डिग्री हासिल करने के लिये प्रेरित नहीं कर रहा पर आप जिस भी काम में लगे हो,जिस पद पर कार्य कर रहे हों जादू की झप्पी यानि धन्यवाद, शुक्रिया या थैंक यू कहने की आदत जरूर बनाएं। एक सामान्य शब्द लोगों को बहुत प्रभावित करता है।
आप लिखित रूप से भी कुछ नोट्स के माध्यम से लोगों पर प्रभाव डाल सकते हैं इस बात को मैंने अपने ग्राहक एक बुजुर्ग डॉक्टर से सीखा। वो नियमित तौर पर अपने शहर में पदस्थापित होने वाले अपने साथी चिकित्सक, प्रशासनिक अधिकारी या उनके चैम्बर में विजिट को आने वाले दवा कंपनियों के पदाधिकारियों को पोस्टकार्ड के माध्यम से पर्व त्योहारों में व विशेष दिनों के लिये शुभकामनाएं भेजा करते थे।इससे पहला प्रभाव तो उनपर खुद पड़ता कि वो आत्मसंतुष्ट होते और जाहिर है जिन्हें वो शुभकामनाएं भेजते थे उनपर सकारात्मक प्रभाव भी पड़ता होगा। अगर आपमें थोड़े ज्यादा पैसे खर्च करने की क्षमता है तो आप किसी बेस्ट सेलर बुक्स के साथ भी ऐसे सन्देश भेज सकते हैं। आपको ऐसा करने से संतुष्टि मिलेगी और यदि अगले ने वो किताब पढी तो उसके जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा वो हमेशा आपको याद रखेंगे।
प्रभावित करने का एक अन्य तरीका है दूसरों की मदद के छोटे छोटे कार्य। यह काम आप आज से अभी से शुरू कर सकते हैं हमारा यह लेख आपको अच्छा लगे या बुरा कॉमेंट बॉक्स में "थैंक यू" कहकर मेरा होंसला बढ़ा सकते हैं या त्रुटियों की ओर इशारा कर मुझे और बेहतर लिखने में हमारी सहायता कर सकते हैं।
आपके जीवन की हर सफलता में दूसरों के द्वारा की गई छोटी छोटी बातें मददगार होती हैं।अब आपकी बारी है तो आज से अभी से शुरू कीजिये अपने बगल में खड़े सहयोगी को उसके कार्यों के लिए धन्यवाद कहिए।






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