गड़े खजाने किसी को यूं नही मिलते उसे ढूंढने के लिए दृष्टि व प्रयास जरूरी है।
अपने देश में प्रेरणादायक कहानियों के पुस्तकों का खजाना है।आदि काल की पंचतंत्र की कहानियां, विक्रम वेताल की कहानियां हमने खूब पढ़ी हैं।स्कूल के पाठ्यक्रमों में भी कई बेहतरीन प्रेरक कथाओं का जिक्र है।आज मैं भी वैसी ही कुछ कहानियां आपके लिए पेश कर रहा हूं।
जिन खोजा तिन पाइया, गहरे पानी पैठ,
मैं बपुरा बूडन डरा, रहा किनारे बैठ।
कहानी अमेरिका के बड़े रईस किसान की है जिसके पास सैंकड़ो एकड़ का फार्म हाउस था,फार्म हाउस मनोरम पहाड़ियों के बीच स्थित था और खेतों के बीच पहाड़ के झरने से निकलने वाला पानी का नाला उसे और भी बेहतरीन दृश्य प्रदान करता था।बीच बीच में खेतों से चुनकर निकले गए पत्थरों के टीले ,छोटे छोटे पहाड़ उसे और भी मनोरम बनाते थे।एक दिन अपने मित्रों के साथ फार्म हाउस में टहलते हुए यह बात कह रहा था कि काश उसके पास हीरे की खदान होती तो वो कितना अमीर होता और उसकी जिंदगी कितनी मजेदार होती।उसने कहा कि वो इस फार्म हाउस को बेचकर कुछ दूसरा व्यवसाय करना चाहता है।उसकी यह बात सुनकर एक मित्र ने कहा कि क्या वो इसे सचमुच बेचना चाहता है तो उसने हां में सर हिलाया।
सफलता की शुरुआत सपने से होती है।
कुछ ही दिनों में उसने उस फार्म हाउस को दूसरे व्यक्ति के पास बेच दिया।फार्म हाउस का नया मालिक जब अपने फार्म हाउस पर टहल रहा तभी उसकी नजर पानी के नाले के किनारे पड़ी एक चमकदार पत्थर पर पड़ी। उसने नजदीक जाकर उस पत्थर को अपने हाथ में लिया और गौर से देखा तो उसके आंखों की चमक तेज हो गयी। उसने आसपास नजर दौड़ाई तो उसकी आंखें और चौड़ी हो गयी। कुछ पत्थरों को उसने चुना और तुरंत जौहरी के पास पहुंचा जौहरी ने जांच के बाद जो कहा वह सुनकर वो खुशी से झूम उठा। वो पत्थर साधारण नहीं थे बल्कि हीरे थे हीरे ।जिन पत्थरों को उसका पुराना मालिक बचपन से देख रहा था उस मालिक के सपने भी हीरे के खदान मालिक बनने के थे वो इन हीरों को नहीं पहचान सका।परन्तु नए मालिक की परखी नजरों ने आते ही उस बेशकीमती पत्थर को पहचान लिया।
इस कहानी से हमें दो सीख मिलती है पहली यह है कि जो हमारे पास होती है उसकी कद्र करना चाहिए,उसमें किस तरह निखार लाया जाए,उसे कैसे बेहतर बनाये उस पर ध्यान केंद्रित करना चाहिये।
दूसरी सीख यह है कि सपने देखने के लिए भी नजरिया चाहिए वरना उस रईस किसान की तरह हीरे की खदान पर खड़े होकर भी खदान मालिक बनने के सपने देखते रह जाएंगे।

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