इस समय, जब मैं अपनी उंगलियां की बोर्ड पर चला रहा हूं और यह टाइप कर रहा हूँ, मैं बहुत परेशान हूँ। थोड़ी ही देर पहले मैं अपने मित्रों के साथ एक बहस में उलझ गया अब उसी का परिणाम भुगत रहा हूँ। वैसे मुझे इस बात का भान है कि तनाव की ज्यादातर कारण ऐसे व्यर्थ की बहस और उसमें बोले गए शब्द होते हैं। आइये हम आज शब्दों पर ही विमर्श करते हैं आज हम शब्दों की जादुई शक्ति के बारे में जानने की कोशिश करते हैं।हम जानने की कोशिश करते हैं कि क्या शब्दों के सही चुनाव,वक्त व समय के समायोजन से हम व्यर्थ के तनाव को दूर रख सकते हैं और सफल व शांतिपूर्ण जीवन जीने का मार्ग तय कर सकते हैं।
अधिकांश इंसानों के लिये बोलना उतना ही स्वाभाविक है जितना कि सांस लेना। सांस लेना भूलने की गलती हम कर नहीं सकते पर हमारे बोल कई बार हमें परेशानी में डाल देते हैं। कई मौकों पर हम बिना सोचे समझे शब्दों का प्रयोग कर देते हैं उस वक्त हम यह सोच भी नहीं पाते कि आखिर हम किन शब्दों का प्रयोग कर रहे,उसका सामने वाले पर क्या प्रभाव पड़ेगा। अपने विचारों, सोच, निर्णयों और विश्वासों को व्यक्त करने के लिये हम मुंह से हजारों शब्दों का प्रयोग करते हैं। हालांकि, अक्सर, हम बोलते वक्त अपने प्रयोग किये गए शब्दों के हम पर और हमारे आसपास के लोगों पर इसके सकारात्मक या नकारात्मक प्रभावों से बेखबर होते हैं ।
हमारे द्वारा बोले जाने वाले शब्दों के भीतर एक भावनात्मक शक्ति होती है। हमारे द्वारा उपयोग किए जाने वाले प्रत्येक शब्द का बहुत बड़ा प्रभाव हो सकता है। हमारे द्वारा बोले गए एक शब्द, पहली नज़र में, अप्रासंगिक लग सकता है। लेकिन कभी भी शब्दों को अप्रासंगिक न समझें। इसके बजाय, उन्हें शक्तिशाली समझें। शब्द आपको ऊर्जावान बना सकते हैं या आपको तोड़ सकते हैं। वे प्रेरित या हतोत्साहित कर सकते हैं।
शब्दों में जबरदस्त शक्ति होती है। शब्द ऊर्जा प्रवाहित करते हैं, संदेश देते हैं जो दूसरों में प्रतिक्रिया पैदा करता है। आप जो कुछ भी कहते हैं वह दुनिया में प्रभाव पैदा करता है। आप किसी और से जो कुछ भी कहेंगे उससे उस व्यक्ति में किसी न किसी तरह का प्रभाव पैदा होगा। हम लगातार अपने शब्दों से कुछ न कुछ सकारात्मक या नकारात्मक प्रभाव बना रहे होते हैं।
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हमारे द्वारा कहे गए शब्दों पर प्रतिक्रिया अक्सर कई गुना रूप में हमारे पास लौट आती है। । उदाहरण के लिए यदि मैं किसी व्यक्ति को कोई निर्णय के शब्द बोलता हूं तो वे मुझे वापस करेंगे, शायद अधिक तीव्रता के साथ। यदि हमारे शब्दों से कोई आहत होता है तो वे उसी रूप में दर्द और क्रोध के साथ वापस आएंगे।यदि हमारे निर्णय के शब्द सामने वाले की सराहना है, प्रशंसा है या आभार है तो वे एक गर्म व सराहनीय प्रतिक्रिया उत्पन्न करेंगे। हमारे शब्दों के प्रति उस व्यक्ति की प्रतिक्रिया अधिक मजबूत होगी क्योंकि उसमें उससे जुड़े शब्दों द्वारा निर्मित भावनाएँ भी शामिल होंगी। यह बिल्कुल साफ है कि शब्दों की शक्ति का हमारे और हमारे आस-पास के लोगों के जीवन पर प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ता है।
हम महान लेखकों और वक्ताओं के शब्दों की अहमियत से वाकिफ हैं। इतिहास में वर्णित कई क्रांतियों व बदलाव किसी लेखक,कवि या दार्शनिक द्वारा लिखे गए लेख की वजह से हुए हैं। लेखकों के महत्वपूर्ण वाक्यों व सूक्तियों का प्रयोग आम व खास दोनों प्रकार के व्यक्तियों द्वारा किये जाते हैं और उन सूक्तियों में लिखे शब्द निश्चित तौर पर प्रभाव बनाते हैं।
सफल लोग अपने शब्दों को खुद पर नियंत्रण रखने के बजाय अपने शब्दों पर नियंत्रण रखते हैं। वे अपने विचारों और शब्दों और शब्दों के असर की शक्ति के प्रति अधिक जागरूक होते हैं। सफल लोग समझते हैं कि सफलता पाने के लिए उन्हें नकारात्मक के बजाय सकारात्मक बोलने की जरूरत है। सफल लोगों को उनके द्वारा बोले जाने वाले शब्दों के मायने समझ पाने की महारत होती है। वे ऐसे शब्दों को बोलने के महत्व को जानते हैं जो आत्म-सम्मान और आत्मविश्वास का निर्माण करेंगे, संबंध बनाएंगे और संभावनाओं का निर्माण करेंगे। वे पुष्टि, प्रोत्साहन, प्रेम, स्वीकृति और प्रशंसा के शब्द बोलते हैं।
आप अगर जीवन में सफल होना चाहते हैं तो आपके द्वारा बोले गए शब्दों और जीवन में घटित होने वाली चीजों के बीच संतुलन या सामंजस्य होना जरूरी है। हमारे बोल हमारी दृष्टि और सपनों के बीच एक लकीर की तरह है। आपके शब्द आपके नियति का निर्धारण कर सकते हैं। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि आपके शब्द उन लोगों पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं जिनसे आप प्रतिदिन बातचीत करते हैं। बोलने से पहले अपने आप से पूछें: क्या मैं जो कहने जा रहा हूं वह सुनने वाले को प्रेरित करने वाला है? क्या यह उनके लिए प्रेरणा,उत्तेजना और आगे बढ़ने के लिए उत्साहित करेगा? क्या यह सुनने वाले के डर को दूर करेगा और सुरक्षा एवं विश्वास पैदा करेगा? क्या मैं इन शब्दों को बोलकर सकारात्मक या नकारात्मक तरंग प्रभाव पैदा कर पाऊंगा ?
आशा है शब्दों के अर्थ उसकी जादुई शक्ति को ,उसके खुद के ऊपर और हमारे आसपास के लोगों पर होने वाले प्रभाव को आपने अच्छी तरह से समझ लिया होगा। तो आइए सकारात्मक बदलाव के लिए शब्दों की शक्ति का हम उचित प्रयोग करने का दृढ़ संकल्प लें।




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