यदि आप अपने जीवन को आगे बढ़ाना चाहते हैं, तो सबसे पहली शर्त यह है कि आपको अपने जीवन में नकारात्मकता को पास फटकने नहीं देना है।अगर कहीं मन के किसी कोने में ऐसे नेगेटिव विचार है तो उसे पॉजिटिव करने की भरपूर कोशिश करनी चाहिये। मुझे विश्वास है कि इस लेख से आप यह सीख पाएंगे कि अपने जीवन में नकारात्मक प्रभावों को कैसे दूर किया जाए और उन्हें सकारात्मकता में बदला जाए, ऐसा करने से आपके मनोबल और उत्पादकता में वृद्धि होगी। आप जीवन के किसी भी क्षेत्र में हों सफलता और चरम प्रदर्शन हासिल करने पर ध्यान दें।
हम में से अधिकांश अपने जीवन में नकारात्मक प्रभावों की मात्रा से अवगत नहीं हैं। हम पर मीडिया, हमारे आस-पास के लोगों द्वारा लगातार नकारात्मक सोच भरते हैं। इससे भी ज्यादा हमारे मन में मौजूद नकारात्मक संदेश हमें सबसे ज्यादा नुकसान करते हैं।
अपने जीवन में नकारात्मक को सकारात्मक के साथ बदलने की प्रक्रिया में पहला कदम नकारात्मक संदेशों की पहचान करने और उन्हें सकारात्मकता में बदलने के तरीकों की तलाश करना है। संकल्प लें कि इस लेख को पढ़ने के बाद आप सिर्फ सकारात्मक पहलुओं पर अपना ध्यान केंद्रित करेंगे।
ज्यादातर लोग अपने दिन की शुरुआत खबरों से करते हैं। और आजकल टी वी चैनल खासकर न्यूज़ चैनल या अखबार में किन खबरों को प्रमुखता दी जाती है।निश्चित रूप से अधिकांश बुरी खबरें,जैसे आग, बाढ़,दंगे आदि के समाचार होते हैं। इसलिए जब तक आप अपनी कॉफी खत्म करते हैं, तब तक आपके पास बुरी खबरों का पूरा एक सप्ताह का कोटा आपके दिमाग में फूल हो गया होता है। क्या यह सब बुरी खबर आपको दरवाजा खोलना और नए दिनों की बधाई देना चाहती है, बिल्कुल नहीं बल्कि इसके विपरीत ये खबरें आपके मष्तिष्क में नेगेटिविटी भर रही होती है। हममें से अधिकांश लोगों की शाम भी ऐसे ही खत्म होती है चिल्लाते हुए न्यूज़ एंकर्स, प्रवक्ता हमारे अंदर की सारी सकारात्मक सोच को मन के डब्बे के किसी कोने में धकेल देती है।इस तरह ये न्यूज़ चैनल या ज्यादातर सीरियल सोने के पहले हमारे दिमाग में नकारात्मकता की बड़ी खुराक भर देते हैं। यह कोई आश्चर्य की बात है कि आजकल अधिकांश लोगों को को सोने में परेशानी होती है? सोने से पहले हम जिस मूड में होते हैं, वह अगली सुबह तक बना रहता है, इसलिए आप अगले दिन की शुरुआत बुरे मूड में करने के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं। इसकी पूरी संभावना है कि आपको उन सभी नकारात्मक सूचनाओं की आवश्यकता नहीं है जो आप समाचार से ले रहे हैं, और आप इसके बिना ठीक काम करेंगे।
आप जो खबरें ले रहे थे, उन्हें प्रेरक टेप, उत्थान संगीत और खुशखबरी देने वाली, पर जोर देने वाली ब्लॉग्स जैसे सन्डे संदेश या प्रेरक स्टोरी पढ़ें। सोने से पहले मोटिवेशनल बुक्स या सशक्त सन्देश देने वाली पुस्तकें पढ़ने से सकारात्मक बने रहने में बहुत मदद मिलती है। किताबें आपके जीवन को रिचार्ज करने का एक शानदार तरीका हो सकती हैं। सफलता की कहानियां, सफल लोगों की जीवनी आदि पढ़ें,सुनें या देखें और इसे परखें कि यह सच में काम करता है मैं अपने अनुभवों से कह रहा हूँ आप जरूर बेहतर महसूस करने लगेंगे।
आपका अगला कदम आपके द्वारा टीवी पर बिताए जाने वाले समय को को सीमित करना है। एक मजेदार सर्वे की मानें तो टीवी देखने वाले 78% लोगों की उस कार्यक्रम में कोई दिलचस्पी नहीं होती है बस वो समय बिताने के लिये कुछ भी देख लेते हैं। टीवी हम सबको उन गतिविधियों से दूर ले जा रहा है जो शायद इससे अधिक मजेदार होगी। प्राइम टाइम वह अवधि है जिसे लोग सबसे ज्यादा देखना पसंद करते हैं जबकि आप उस समय का उपयोग अपने जीवन में आगे बढ़ने के लिये अच्छी बातों को सीखकर इसे अपना प्राइम टाइम बना सकते हैं।
दुनियां के अधिकांश असफल लोगों का अध्ययन करें तो सिद्ध हो जाएगा कि नकारात्मक लोगों के साथ रहना कितना जोखिम भरा होता है। ऐसे लोग आपकी उर्जा को नष्ट कर देते हैं उत्साह पर पानी फेर देते हैं यहां तक कि आपकी सोचने की शक्ति को ही कुंद कर देते हैं। नेगेटिव लोग हमेशा आपको नीचे की तरफ खींचते हैं इसलिये ऐसे लोगों को खुद से दूर रखने का प्रयास करें।मुझे मेरे ट्रेड यूनियन जीवन में आने से पहले और ट्रेड यूनियन जीवन के दौरान इसका कड़वा अनुभव है। इसलिए शिकायत कोषांग में अपनी आलोचना सुनने के बजाय खुद को ऐसे लोगों के बीच रखें जो आपकी योग्यता, क्षमता और उपलब्धियों का समर्थन करते हैं या इसमें सुधार की संभावनाओं का जिक्र करते हैं।
नकारात्मकता का सबसे बड़े स्रोत हम स्वयं हैं। हम में से अधिकांश लोग बहुत सारी नकारात्मक आत्म-चर्चा उत्पन्न करते हैं जिसे हमारा दिमाग सत्य के रूप में स्वीकार करता है और इसके परिणामस्वरूप हमें कई तरह से पीछे रह जाते हैं। हमें अपनी कमियों पर आत्मालोचना पर उतना ही समय देना चाहिए कि हम कल एक अच्छी शुरुआत कर सकें। यह नहीं कि हमने जो गलती कर दी उसका क्या क्या बुरा प्रभाव होने वाला है बजाय हम उसे सुधारने की जगह किसी अज्ञात भय से ग्रस्त हो जाएं।हम अपनी कमियों, अपनी समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करते हैं। ऐसी अज्ञात भय नई चीजों को आजमाने की हमारी क्षमता को कम करते हैं। आप हमेशा अपने सकारात्मक पहलुओं पर ध्यान देना शुरू करें यह अहसास करें कि आपमें क्या अलग और अनूठा है जो आप अन्य लोगों से अलग और बेहतर हैं। अपने आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए स्वयं की विज़ुअलाइज़ेशन और पुष्टिकरण का पद्धति का इस विधि का उपयोग अपने अंदर मौजूद नकारात्मक छवियों को बदलने के लिए भी किया जा सकता है।
आप जो कुछ भी सही करते हैं, उसके लिए खुद को बहुत सारा श्रेय दें, ताकि आपके अंदर की सकारात्मक छवि और भी अच्छा कर पाने के लिये प्रेरित कर सके।अधिकांश लोग यह कहते हुये पाए जातें हैं कि काश हमने उस अच्छे काम को किया होता तो कितना अच्छा होता यह गलत है आप अपने अंदर की अच्छाइयों पर गौर करने के लिये समय निकालें। इससे आपके जीवन में अच्छी चीजों के बारे में सोचने की प्रक्रिया आपके अंदर आपके लिए अच्छी भावनाएँ पैदा करेगी और लंबे समय तक आपके दिमाग में विद्यमान रहेंगीं।
आप जो कुछ भी सही करते हैं, उसके लिए खुद को बहुत सारा श्रेय दें, ताकि आपके अंदर की सकारात्मक छवि और भी अच्छा कर पाने के लिये प्रेरित कर सके।अधिकांश लोग यह कहते हुये पाए जातें हैं कि काश हमने उस अच्छे काम को किया होता तो कितना अच्छा होता यह गलत है आप अपने अंदर की अच्छाइयों पर गौर करने के लिये समय निकालें। इससे आपके जीवन में अच्छी चीजों के बारे में सोचने की प्रक्रिया आपके अंदर आपके लिए अच्छी भावनाएँ पैदा करेगी और लंबे समय तक आपके दिमाग में विद्यमान रहेंगीं।
अपने शरीर को कभी भी उपेक्षित न करें स्वस्थ भोजन करें,बुरी आदतों को धीरे धीरे छोड़ें। नियमित व्यायाम और वर्क आउट करें इससे आपकी ऊर्जा व सहनशक्ति में इजाफा होगा आत्मबल में वृद्धि होगी फिर एक और बड़ा लक्ष्य हासिल करने से आपको कोई नहीं रोक पायेगा। की
दूसरों की मदद करना भी खुद के बारे में सकारात्मक अहसास दिलाता है। आप किसी भी चैरिटी या स्वयंसेवी कार्य में शामिल होकर डोनेट कर आत्मसंतुष्टि का अनुभव करेंगे। आपको दूसरों से अच्छी प्रतिक्रिया मिलेगी और एक भावना विकसित होगी कि आप एक अच्छे इंसान हैं। एक लोकोक्ति है कि "आप जो डालते हैं वही आपके पास वापस आता है" इसलिए सुनिश्चित करें कि यह अच्छा है जो बाहर जाता है।
अपने जीवन में नकारात्मकता को सकारात्मक अहसास के साथ बदलकर, आप खुद को और शायद दुनिया को एक बेहतर जगह बना लेने में भागीदार होंगे। आप मानसिक और शारीरिक रूप से बेहतर महसूस करेंगे, साथ ही वो कई चीजें हासिल करेंगे जो आप हासिल करना चाहते थे। बिना कर्म के कुछ भी कभी पूरा नहीं होता है, इसलिए अपने जीवन को आगे बढ़ाने के लिए अभी से शुरुआत करें।







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