आज हमलोगों को रोशनी की कोई समस्या नहीं आप बड़े बड़े फ्लड लाइट की सहायता से रात के अंधेरे को भी दिन के उजाले में बदल सकते हैं। थॉमस एडिसन के प्रयासों के लिए धन्यवाद, जिन्होंने बल्ब का आविष्कार किया आज बस हम अपनी अलमारी से एक बल्ब निकाल कर होल्डर में लगाने की जरूरत है और पूरा कमरा रोशनी से जगमग!
बल्ब के आविष्कारक थॉमस एडिसन ने आविष्कार पूरा करने से पहले कई प्रयास किए। उन्हें कई बार असफलताओं का सामना करना पड़ा। एक दिन किसी ने उनसे पूछा कि क्या वह अपनी असफलताओं से निराश नहीं होते । उन्होंने उत्तर दिया, "मैं असफल नहीं हुआ हूं, मैंने एक बल्ब के आविष्कार एक और नया तरीका खोज लिया है और उस पर आगे बढ़ने की सोच रहा हुं।
अनुभव कहते हैं कि असफलता जैसी कोई चीज नहीं होती, केवल परिणाम मनोनुकूल या विपरीत होते हैं। दुनियाभर में जितने भी अविष्कार हुए हैं उनके पीछे असफलता या विपरीत परिणामों की लंबी कहानी है।पर जुनूनी लोगों ने कभी प्रयास करना नहीं छोड़ा और ज्यादातर लोग सफल रहे।किसी ने सच ही कहा है कि चीजों को बार बार करना पागलपन है और ज्यादातर अविष्कार ऐसे ही प्रयासों से सम्भव हुए हैं।
हमारे जीवन को बेहतर बनाने के लिए हमें अपने काम करने के तरीकों में कुछ बदलाव करने की जरूरत है।हालांकि बदलाव को स्वीकार करना आसान नहीं होता।
यदि थॉमस एडिसन के प्रयासों से एक रोशनी जल सकती है तो वैसे ही हम भी बदलाव कर सकते हैं। कई दफा हमें यह लगता है कि जीवन अंधकारमय और निराशा हो जाते हैं। वर्तमान स्थिति में जब पूरा विश्व और देश महामारी के प्रकोप से परेशान और हताश हैं हमें लगता है कि अब जीवन में सिर्फ अंधेरा ही अंधेरा है कोई प्रकाश नहीं है, कोई आशा नहीं है। यह स्थिति यह निश्चित रूप से काफी निराशाजनक है। तब हमें बदलाव लाने की सख्त जरूरत है।
ऐसी स्थिति में जब हमारी मनोबल काफी निचले स्तर पर होती है तो रास्ता ढूंढना आवश्यक होता है।हमें से कुछ लोग थॉमस एडिसन की तरह ऐसे अंधेरे का समाधान ढूंढने की कोशिश कर रहे होते हैं बाकियों को भी ऐसे प्रयास करने की जरूरत है।सकारात्मक विचारों के साथ यदि हम आगे बढ़ें तो हर समस्या का समाधान है।
यह भी प्रश्न मन में आएगा कि हम समस्या का समाधान कैसे ढूंढें? समस्या हमारी है तो सबसे पहले आप समस्या को समझें और फिर खुद उसका हल ढूंढने की कोशिश करें या हम वैसे व्यक्ति की मदद ले सकते हैं जिन्होंने हमारे जैसी बाधा को पार कर समाधान ढूंढ लिया।
आज की पीढ़ी इस मामले में भाग्यशाली है के उनके पास साधनों की कमी नहीं है आप गूगल पर सर्च कर कई समस्याओं का समाधान ढूंढ सकते हैं। बाजार में उपलब्ध पुस्तकों में हल ढूंढ सकते हैं, ब्लॉग पढ़कर भी आप समस्याओं के समाधान के कई उपाय ढूंढ सकते हैं। फिर अपनी समस्या, स्थिति के हिसाब से उपायों को लागू कर सकते हैं।किताबें और ब्लॉग पर उपलब्ध सामग्रियां हमारे लिए अत्यंत उपयोगी हो सकती हैं। हमें दूसरे लोगों की विफलताओं को पढ़ने और उनसे सीखने की जरूरत है। वे पहले भी इन बाधाओं से गुजर चुके हैं वो हमें यह सिखाने में मदद कर सकते हैं कि हमें इन बाधाओं को कैसे पार करना है। हमारे इतिहास में कई महान विचारक हुए हैं और हम सौभाग्यशाली हैं कि हमें उनका अनुसरण करने का अवसर मिला।
हम सभी को अपने जीवन में अधिक प्रकाश की आवश्यकता होती है। कभी-कभी हम सुरंग के अंत में प्रकाश नहीं देख सकते हैं लेकिन हमेशा आशावादी रवैय्या हमें सुरंग के अंधेरे रास्ते से निकलने में सहायता कर सकती है।
महान विचारकों की जीवनी और प्रेरणादायक पुस्तकें पढ़कर हम यह जानें कि कैसे दूसरों ने अपनी चुनौतियों का सामना किया है और उनकी सीख को अपने अंदर रखें ताकि जब आप भी अपने को कमजोर महसूस कर रहे हों और जीवन धुंधला दिखाई दे, तो आप उन संसाधनों को बाहर निकाल कर अपने जीवन को फिर से रोशन कर सकें।
हमें थॉमस एडिशन की तरह बल्ब का पुन: आविष्कार करने की जरूरत नहीं है बल्कि उनके द्वारा दिये गए सीख और प्रकाश को अपने भीतर ले जाना सीखना है।






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