मजबूत व स्पष्ट इरादे आपको लक्ष्य का निर्धारण करने में लक्ष्य तक पहुंचने में कारगर होते हैं।

 हममें से अधिकांश के लिये जीवन का मतलब है कुछ न कुछ हासिल करना हम सभी अपने जीवन में एक लक्ष्य लेकर जीते हैं लेकिन हमारे इरादे जो भी हों उन्हें लक्ष्य बनाना और उसे लक्ष्य के रूप में निर्धारित करना अत्यंत   महत्वपूर्ण है।


लक्ष्य हमें विद्युतीकृत करते हैं और स्पष्ट इरादे हमें उत्साहित करते हैं और हमें आगे बढ़ाते हैं।

स्पष्ट इरादे के बिना, हम प्रतिक्रियाशील होते हैं और  महत्वपूर्ण चीजें करने की बजाय इधर उधर की बातों में भटक जाते हैं।अगर इरादे स्पष्ट न हो तो हम फुक्का फायर करने में व्यस्त हो जाते हैं। यह भी सच है कि बिना स्पष्ट इरादे और लक्ष्य के लिये किये कार्य के परिणाम आते हैं पर यह वो नहीं होता जिसे हम चाहते हैं।


इरादे आपकी कार के स्टीयरिंग व्हील की तरह हैं। स्टीयरिंग आपके मार्ग को नियंत्रित करते हैं। इरादों और लक्ष्य को निर्धारित करते समय उसके मानदंड व प्रारूप का निर्धारण आवश्यक है तभी आप इसे बेहतर तरीके से प्रबंधित कर पाएंगे। 

इरादों के विभिन्न स्तर होते हैं एक से अधिक इरादों का होना बेहतर है। मसलन आप यह तय करते हैं कि मैं एक उद्योग शुरू करुंगा, जैसे प्लास्टिक रीसाइक्लिंग का उद्योग और उसके साथ आपका वैचारिक इरादा यह है कि हम प्रदूषण दूर करने में अपना योगदान देंगे साथ में कचड़ा बीनने वालों की जिंदगी बेहतर बनाने में भी योगदान देंगे।आपका यह इरादा आपके बिजनेस का लक्ष्य का  एक मिशन स्टेटमेंट की तरह बन जाते हैं।

 इतना तय करने के बाद आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि अपने मिशन स्टेटमेंट को दैनिक जीवन में किस तरह लागू करेंगे।


अपने इरादों को,सपनों को,लक्ष्य को एक कागज पर लिखने की आदत डालें क्योंकि ब्लैक एंड व्हाइट में लिखे शब्द आपके दिमाग में देर तक जमे रहते हैं और आपको आपकी कार्य योजना तय करने में मददगार होते हैं। यह तय करना बहुत जरूरी है कि अपने मिशन को आप कैसे क्रियान्वित करेंगे,यह भी तय करना ठीक रहेगा के अआपके इरादे नेक हैं और प्रबल हैं। कागज पर लिखने का एक फायदा है कि आप अपने कार्यक्रम का पुनरीक्षण कर सकते हैं उनमें होने वाली कमियों को ढूंढ सकते हैं और अपेक्षित सुधार ला सकते हैं।


जब एक बार आप लक्ष्य निर्धारण कर लेते हैं तो कदम कदम आगे बढिये ये नहीं के एक साथ कई कदम उठा लें ।तेजी से आगे बढ़ना एक पल के लिये आपको रोमाचित कर सकता है पर ऐसा करने से आपको सुखद व निश्चित परिणाम मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

आप जब भी लक्ष्य निर्धारित करते हैं तो उसे हासिल करने के लिये आपको आसान शुरुआत कीजिये,छोटे व नाप नाप कर कदम बढ़ाइये,ध्यान दीजिये धैर्य रखें क्योंकि दुर्घटना से देर भली। हड़बड़ी में उठाये गए कदम आपको उल्टे परिणाम दे सकते हैं और आपको निराश कर सकते हैं।

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 इसलिये हड़बड़ी की बजाय, तार्किक रूप से और धीरे-धीरे आगे बढ़ें: अपनी नज़र उस स्तर पर रखें, जिस पर आप अगले वर्ष पहुँचना चाहते हैं, और आज के प्रयास को आपको 1/365वें रास्ते पर ले जाने दें।  ऐसा करें, और आप वास्तविक, औसत दर्जे की प्रगति के साथ-साथ उन उपलब्धियों को भी देखेंगे जिन पर आपको वास्तव में गर्व होगा।

वास्तव में ऐसा करना अपने अंदर ऐसी आदतें डालना  बहुत आसान है।  बस आपको अपने अंदर ऊपर वर्णित अच्छी आदतें डालनी है। यदि आप ऐसा कर सकते हैं तो आपके इरादें और भी मजबूत होंगे और फिर आगे और ऊंचे लक्ष्य की प्राप्ति के लिए स्वतः प्रेरित करेंगे ।

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